Prime Minister shares glimpses of South India Natural Farming Summit 2025 at Coimbatore, Tamil Nadu

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**शीर्षक: प्रधानमंत्री ने कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती शिखर सम्मेलन 2025 की दिलकश झलकियाँ साझा कीं**

**मुख्य बिंदु:**

– प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर जोर दिया।

– सम्मेलन में दक्षिण भारत के किसानों की बड़ी भागीदारी।

– पर्यावरण संरक्षण और कृषि टिकाऊपन पर चर्चा।

**सामग्री:**

कोयंबटूर, तमिलनाडु में आयोजित दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती शिखर सम्मेलन 2025 में प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई झलकियों ने प्राकृतिक खेती के महत्व और इसके सकारात्मक प्रभावों को रेखांकित किया। इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के किसान, कृषि विशेषज्ञ, और पर्यावरणविद शामिल हुए।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उपजाऊपन को बढ़ाती है बल्कि इससे जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा में भी मदद मिलती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों से बचने का यह एक उत्तम उपाय है।

सम्मेलन में भाग लेने वाले किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे प्राकृतिक खेती ने उनकी उपज को बढ़ाया और लागत को कम किया है। एक किसान ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार आया है और बाजार में उनकी उपज को अच्छे दाम मिल रहे हैं।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है और किसानों को इसके लिए तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाएं ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।

सम्मेलन के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती की तकनीकों और उसके लाभों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती में जैविक खाद, हरी खाद, और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जाता है जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और फसल की पैदावार भी बेहतर होती है।

**पूछे जाने वाले प्रश्न:**

**प्रश्न:** प्राकृतिक खेती क्या है?

**उत्तर:** प्राकृतिक खेती एक कृषि प्रणाली है जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बजाय जैविक खाद और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जाता है।

**प्रश्न:** प्राकृतिक खेती के लाभ क्या हैं?

**उत्तर:** प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, जल संरक्षण होता है, और पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचता है। यह फसल की गुणवत्ता और पैदावार को भी सुधारती है।

**प्रश्न:** क्या सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कोई योजना चला रही है?

**उत्तर:** हां, सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें किसानों को तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

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